दो पिल्लार्स पर बसा दुनिया का सबसे छोटा देश

विश्व युद्ध के दौरान बसाया गया सिलैंड (Sealand)

दुनिया की सबसे छोटी रियासत जो समुंदर के बीचो-बीच दो पिल्लार्स पर बसी है ।जिसकी आबादी कुल 27 लोगों की है।इस देश का नाम सीलैंड (Sealand)है।दरसल इसे ब्रिटेन की तरफ से दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था।

सीलैंड (sealand) यूरोपीय महाद्वीप के एक खंडर किले पर स्थित है।ये इंग्लैंड के सफ़ोल तट(Sophocles coastline)से लगभग 10 वर्ग  किलोमीटर दूर है।दावा किया  है,कि यह दुनिया के सबसे छोटा देश है।0.25 क्षेत्रफल में फैला है ।ये sealand एक टेनिस कोट के बराबर है।

सीलैंड (sealand) को माइक्रो नेशन भी कहा जाता है , छोटे देश के आकार ही सामान्यतः किसी भी देश की धारणा और मान्यता को बदल देते है।लेकिन सवाल है की लोग इतने छोटे देश का गठन ही क्यों करते है।

लेकिन इसकी वजीफ वजह वर्तमान सरकार के प्रति असंतोष और अपने तरीके से काम करने की इच्छा होती  है।यही कारण है की किसी भी संघ के अंदर कार्य करना कठिन हो जाता है।और छोटे- छोटे विभाजन हमें देखने को मिलते है ।

Sealand

 किसे कहते है माइक्रो नेशन ?

माइक्रो नेशन (micro nation) वे छोटे देश होते है, जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय(international)मान्यता प्राप्त नहीं होती है।छोटे देशों को मान्यता देने का नियम साल 1933 में “मोंटे विडियो सम्मलेन “(monte video convention) में बनाया गया था।

जिसमें राज्य के अधिकार और कर्तव्य तय किए गए थे।जिसमें तत्कालीन अमरीकी राष्ट्पति फ्रेंक्लिन डी रूज़वेल्ट (Franklin D .Roosevelt) और अन्य अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे।

छोटे देशों को मोंटे विडियो सम्मलेन (monte video  convention)से ही परिभाषित किया  जाता हैं ।मोटे तौर पर एक राज्य कहलाने के लिये आबादी ,भागौलिक क्षेत्र, सरकार और अन्य देशों के साथ सम्बन्ध को प्रमुखता के साथ देखा जाता है।  आख़री पैमाना छोटे देशों को व्याकुल बनाता हैं, अक्सर वह दूसरे देशों को उतेजित करते रहते है कि वह उन्हें मान्यता प्रदान करें।

जाने –हमारे बारे में…

वैटिकन सिटी

 इटली के वैटिकन सिटी को दुनिया के सबसे छोटे देश होने के कारण मान्यता प्राप्त है ,इसलिए क़ानूनन ये विश्व का सबसे छोटा देश हैं ।इस देश का क्षेत्रफल 0.44 वर्ग किलोमीटर है, यहाँ की जनसंख्या 800 है।वैटिकन सिटी को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता भी प्राप्त साथ ही ये यह विश्व का सबसे छोटा ,स्वतंत्र देश है।

 सीलैंड(sealand)में लोगों के जीने का आधार क्या है?

सीलैंड का रख रखाव पर काफ़ी  खर्च होता है, साल भर पेहरा देने के लिये दो संत्री(Guard) यही रहते है।खर्च निकालने के लिए सीलैंड का ऑनलाइन स्टोर ,टी-शर्ट ,डाक टिकट और राजकीय पध्वी बेचता है |

सीलैंड के प्रिंस

              सीलैंड के प्रिंस के याद में Holding The Fort  Book  मैं प्रकाशित हुए है | प्रिंस के पिता रॉय बटेस ने खुद को 9 अक्टूबर 2012 में सी-लैंड का प्रिंस घोषित कर दिया था । जिनकी की मृत्यु के बाद रॉय बटेस का बेटा माइकल  की हुकूमत चली।अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस देश को मान्यता नहीं मिली।उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी किसी से मान्यता मांगी भी नहीं।

1970 में सी -लैंड  ब्रिटेन सरकार के लिए  विरोध का प्रतीक बनाया गया था। रॉय बटेस ने इस देश के लिए डाक टिकट, पासपोर्ट और करेंसी भी निकाली।करेंसी पर रॉय बटेस की पत्नी जॉन बटेस की तस्वीर है। इस देश का अपना  झंडा भी है,जिसका रंग लाल,सफ़ेद और काला है।

सी-लैंड ने  अपनी राष्ट्रीयता बनाई,इसने सेना के राष्ट्रीय चिन्ह तय किये ,इसने अपना संविधान बनाया और इसकी अपनी एक फुटबॉल टीम है। यहाँ तक की इसका एक राष्टगान भी है ।

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